एक किडनी का होना: कारण, परिणाम, परेशानियां, उपाय

चूंकि एक सामान्य व्यक्ति के पास दो किडनी होती हैं, लेकिन एक सामान्य सवाल यह भी है कि क्या होता है जब उनमें से एक किडनी प्रभावित या क्षतिग्रस्त हो जाती है। यह लेख ऐसे कुछ सवालों का जवाब देगा जो पूछते हैं कि एक किडनी का होना (solitary kidney) कैसा होता है।

भले ही प्रकृति ने हमें दो किडनी दी हैं, लेकिन कभी-कभी किसी कारण से हम में से कई एक किडनी खो देते हैं। इसमें निराश होने  जैसा कुछ नहीं है, क्योंकि एक किडनी बिना किसी समस्या के आपको सामान्य जीवन जीने में मदद कर सकती है।

यदि आपके शरीर में जन्म से ही केवल एक किडनी मौजूद है या फिर एक किडनी किसी बीमारी से क्षतिग्रस्त हो गई है, तो भी आप सामान्य जीवन जी सकते हैं। लेकिन जब आपको शरीर में मौजूद वह एक किडनी भी अगर प्रभावित या विफल हो जाती है, तो आपको डायलिसिस या किडनी प्रत्यारोपण की जरूरत होगी।

एक किडनी होने के कारण

ऐसी किडनी जो व्यक्ति के शरीर को अकेले ही चला रही हो उसे एकल किडनी (solitary kidney) कहते हैं। क्या हैं एकल किडनी होने के सामान्य कारण जानिए-

जन्म से प्राप्त विकृति (birth defects)-

हम में से कुछ लोग एक ही किडनी के साथ पैदा होते हैं, और कुछ लोग सामान्य लोगों की तरह दो किडनी के साथ ही पैदा होते हैं लेकिन किसी अन्य विकृति के कारण उनकी एक किडनी काम नहीं करती। इन जन्मजात किडनी रोगों का पता तब तक नहीं चल पाता जब तक आप अल्ट्रासाउंड न कराएँ।

किसी तरह की किडनी सर्जरी-

कुछ लोग कैंसर, किडनी संक्रमण या किसी अन्य बीमारी के इलाज के लिए सर्जरी से किडनी निकलवा देते हैं। जिसके बाद वे अपना जीवन एक किडनी के साथ जीते हैं।

किडनी दान-

अगर आप अपनी एक किडनी किसी परिवार के सदस्य, दोस्त या किसी ऐसे को दान कर देते हैं, जिसकी किडनी फेल हो गई है। तो आपको एक किडनी के साथ जीवन जीना पड़ता है।

एक किडनी छोटी होने के कारण

कुछ लोग जो किडनी की शिथिलता (kidney dysplasia) के साथ पैदा होते हैं, आम तौर पर ऐसे लोगों की दोनों किडनी होती हैं, लेकिन इन दोनों में से एक किडनी या तो सामान्य आकार से छोटी होती है या काम नहीं करती। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं कि यह छोटी किडनी आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाले, यदि एक किडनी सामान्य रूप से काम कर रही है तो आप एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। हालांकि कभी-कभी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जैसे उच्च रक्त-चाप (high blood pressure)।

एक छोटी किडनी होने के कुछ सामान्य कारण हैं-

  • जन्म के समय किडनी छोटी होती है, और शरीर के बाकी हिस्सों की तरह विकास न कर पाने की वजह से एक किडनी छोटी रह जाती है। यह बचपन में पाया जाने वाला एक छोटी किडनी होने का सामान्य कारण है। इसके लिए चिकित्सा नाम जन्मजात डिसप्लेसिया है (congenital dysplasia)।
  • शरीर से मूत्र-निकासी में किसी दोष की वजह से भी अक्सर एक किडनी छोटी या खराब हो जाती है। आमतौर पर इस स्थिति को रिफ्लक्स नेफ्रोपैथी (reflux nephropathy) कहा जाता है। यह बचपन या वयस्क अवस्था में पाया जाने वाला एक छोटी किडनी का सामान्य कारण है।
  • किडनी में किसी संक्रमण के कारण ये सिकुड़ सकती हैं। आम तौर पर किडनी में संक्रमण से किडनी को स्थायी नुकसान नहीं होता है, लेकिन किसी गंभीर संक्रमण से एक किडनी सिकुड़ कर छोटी हो सकती है।
  • जब धूम्रपान, मधुमेह (diabetes ), उच्च कोलेस्ट्रॉल (high cholesterol) , उच्च रक्तचाप के कारण धमनियों में रुकावट आ जाने से किडनी में रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है। इससे किडनी का आकार छोटा हो जाता है।

एक किडनी होने के क्या परिणाम होते हैं

अधिकांश लोग जिनके पास एक ही किडनी है, वे सामान्य स्वस्थ जीवन जीते हैं। इसके अलावा कुछ लोग एक किडनी के कारण जटिलताओं और उसके परिणामों का भी अनुभव करते हैं। क्या हैं एक किडनी होने के परिणाम-

  • उच्च रक्त-चाप (High blood pressure)
  • पेशाब में प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाना, (proteinuria)
  • किडनी की बेकार पदार्थों को छानने या फिल्चर करने की क्षमता पर प्रभाव

एक किडनी वाले लोगों के भविष्य में आने वाली परेशानियाँ

आम तौर पर एक किडनी के साथ मनुष्य स्वस्थ जीवन जी सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि यह एक किडनी जीवनभर स्वस्थ और सामान्य रूप से चलती रहेगी। जिस प्रकार दोनों किडनी होते हुए भी हमें किडनी की बीमारियाँ हो जाती हैं उसी प्रकार इस एक किडनी में भी रोग हो सकता है। एकल किडनी के साथ रह रहे लोगों को विशेषज्ञ खास देखभाल से रहने की सलाह देतें हैं।

दो किडनी वाले व्यक्ति एक किडनी को खोने का जोखिम उठा सकते हैं, लेकिन एकल किडनी वाले व्यक्ति को अधिक देखभाल करने की जरूरत होती है। क्योंकि एक किडनी की कार्यक्षमता में कमी आने पर डायलिसिस या किडनी प्रत्यारोपण जैसे इलाज की जरूरत पड़ती है।।

एकल किडनी के साथ जी रही महिलाओं को भविष्य में, खासकर जब वे गर्भावस्था में हो किडनी के रोग लगने की संभावना होती है। इन सभी परेशानियों से बचने के लिए विशेषज्ञ आपको एक निश्चित समय से परीक्षण करवाना, और विशेषज्ञ की निगरानी में रहने की सलाह दे सकता है।

एकल किडनी की कार्यक्षमता की सुरक्षा के लिए उपाय

यदि आप जन्म से या किसी सर्जरी के बाद से एकल किडनी के साथ रह रहें हैं तो उस किडनी की स्वस्थ कार्यक्षमता को बनाए रखने के लिए आप विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार कुछ उपायों को अपना सकते हैं। क्या हैं वे उपाय जानिए-

  • अगर आप जन्मजात एकल किडनी धारक है तो आपको आहार में कोई बदलाव करने की जरूरत नहीं होगी, और आपने किसी सर्जरी (किडनी प्रत्यारोपण) से एकल किडनी प्राप्त की है तो विशेषज्ञ आप पर आहार संबंधी प्रतिबंध लगा सकता है।
  • विशेषज्ञ आपके किसी खास कसरत या खेल में भाग लेने से रोक लगा सकता है।
  • जीवनशैली में बदलाव या दवा के माध्यम से रक्तचाप को नियंत्रित रखना।
  • विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार eGFR (estimated glomerular filtration rate) का परीक्षण समय-समय पर कराते रहना।
  • दर्द निवारक दवाओं (NSAIDs) और अन्य दवाओं से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसी दवाएं किडनी को नुकसान पहुंचाती हैं।
  • किडनी के आकार / कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए अवैज्ञानिक और अप्रमाणित इलाजों को आजमाने से बचें।

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