किडनी में पथरी के लक्षण, प्रकार और कारण

कुछ अनुसंधान के मुताबिक किडनी स्टोन (kidney stone) या किडनी में पथरी की बीमारी इंडिया में लगभग 12% लोगों में पायी जाती है। इन 12% लोगों में से 50% लोगों में किडनी की पथरी बहुत नुकसान जैसे किडनी फेल आदि भी कर सकती है। 

इस लेख के माध्यम से मैं आपको किडनी के पथरी के लक्षण, प्रकार और कारणों के बारे में बताना चाहता हूँ ताकि आप समय रहते इन सब लक्षणों को समझ कर अपना इलाज जल्द से जल्द करवा पाएं।  

किडनी में पथरी के लक्षण

किडनी के पथरी के लक्षण उसके आकार और साइज़ पर निर्भर करते हैं। कुछ किडनी के पथरी बहुत छोटी होती हैं और बिना किसी लक्षण के खुद ही पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती हैं। 

थोड़ा साइज बढ़ने पर लक्षण आना शुरू होते हैं जैसे :

दर्द 

किडनी के पथरी से मरीज़ को बहुत खतरनाक दर्द महसूस हो सकता है। यह दर्द पेट के साइड (जिस तरफ पथरी है), पीठ या ऊसन्धि में उठता है। पुरुषों में यह दर्द वृषण में भी महसूस किया जा सकता है। 

आम तौर पर मरीज़ बताते हैं कि यह दर्द उनके जीवन में महसूस किये किसी भी दर्द से ज़्यादा होता है। 

यह दर्द पथरी के यूरेटर (किडनी से ब्लैडर तक आने वाली नली) में फसने की वजह से होता है। जैसे जैसे पथरी आगे बढ़ती जाती है वैसे ही वो दर्द भी अपनी जगह बदलता जाता है। मरीज़ को दर्द पेट से पीठ की ओर जाता हुआ महसूस होता है। 

मरीज़ को ऐसा दर्द आता जाता रहता है। कभी एक दम से बहुत तेज़ दर्द उठता है और फिर थोड़े देर में खुद ठीक हो जाता है। ऐसे ही दर्द आता जाता महसूस होता है। 

बुखार और कंपन होना  

इस दर्द के साथ साथ आपको बुखार भी आ सकता है। 

पसीना आना 

उल्टी होना या जी मिचलाना 

मरीज़ का अकसर जी मचलता है और उलटी जैसा महसूस होता है। आपको उलटी भी हो सकती है। 

मरीज़ को सामान्य रूप से ही तबियत ख़राब होने जैसा महसूस होता है। 

पेशाब (urine) में इन्फेक्शन 

किडनी के पथरी एक बहुत अच्छी सतह बन जाती है कीटाणुओं के बढ़ने और फैलने के लिए। इससे शरीर में कीटाणुओं का संक्रम बढ़ जाता है जिससे यूरिन या पेशाब के इन्फेक्शन बहुत बढ़ जाते हैं। 

पेशाब में खून आना 

पथरी जहाँ फसी हुई होती है, उस सतह को खरोंचती है और नुकसान पहुंचाती है। साथ ही पथरी से पेशाब के इन्फेक्शन भी बढ़ जाते हैं। इन दोनों ही चीज़ों की वजह से अंदर की सतह टूटने और ख़राब होने लगती हैं। 

यह आपको पेशाब में खून के रूप में दिखता है।   

पेशाब में दर्द या जलन होना 

जब पथरी आपके ब्लैडर और यूरेटर पर पहुंचती है तो आपको पेशाब करते वक्त भी दर्द महसूस हो सकता है। 

किडनी के पथरी आपके शरीर में मूत्राशय (यूरिनरी सिस्टम) में कही भी फस सकती है। जिसकी वजह से पेशाब पूरी तरह से बहार नहीं आ पाता है और अंदर ही इकठ्ठा होते रहता है। इससे गंदे रोगाणुओं को शरीर में बढ़ने का मौका मिल जाता है। 

इस की वजह से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। और इन्फेक्शन के कारण आपको पेशाब करते समय दर्द या जलन भी महसूस हो सकती है। 

पेशाब करते वक्त कम पेशाब होना 

जैसा मैंने ऊपर बताया कि पथरी के कहीं अटक जाने की वजह से शरीर से पेशाब पूरी तरह से खाली नहीं हो पाता है और पेशाब जाते समय कम कम ही पेशाब होता है। 

ऐसा भी हो सकता है की पेशाब बूँद बूँद करके शरीर से निकले। 

बार-बार पेशाब जाना 

पेशाब पूरी तरह से खाली न हो पाने की वजह से आपको बार-बार पेशाब जाना पड़ सकता है। और ऐसा भी होता है कि आपको तुरंत ही पेशाब जाने की ज़रूरत पड़े, मतलब की आप पेशाब को रोक न पाएं। इससे अर्जेन्सी (urgency) कहा जाता है।  

धूमिल या बदबूदार पेशाब होना 

सामन्य रूप से पेशाब साफ़ पीले रंग का होता है और उससे कोई गन्दी बदबू नहीं आती है। धूमिल या बदबूदार पेशाब होना इन्फेक्शन या पथरी की निशानी हो सकता है। 

पथरी के प्रकार

किडनी की पथरी कई प्रकार की होती है जिसकी चर्चा मैंने नीचे की है। 

कैल्शियम ऑक्सालेट (Calcium oxalate)

यह पथरी किडनी में पायी जाने वाली सबसे आम पथरी है। ज़्यादातर लोगों में यही पथरी देखने को मिलती है। यह पथरी शरीर में तब बनती है जब आपके शरीर में कैल्शियम और ऑक्सालेट की मात्रा बढ़ जाती है। नोर्मल्ली, ऑक्सालेट हमारे खून में घुला हुआ रहता है। पर जैसे इसका स्तर बढ़ता है, यह हमारे खून में मौजूद कैल्शियम से जुड़ कर पथरी का निर्माण कर देता है। यह पथरी जाके हमारे किडनी के सिस्टम में फस जाती है और आपको लक्षण आना शुरू हो जाते है। 

यह तब होता है जब हम ऑक्सालेट या कैल्शियम से भरपूर खाना अधिक मात्रा में खा लेते हैं। यदि आपको इस प्रकार की पथरी होती है तो आपको ऑक्सालेट भरे खाने को कम करना होगा। 

यूरिक एसिड (Uric acid)

यूरिक एसिड से बनी पथरी दूसरी सबसे आम पाए जाने वाली पथरी है। यह पथरी तब बनना शुरू होती है जब आपके शरीर में यूरिक एसिड का स्तर नार्मल से ज़ादा हो जाता है। ऐसा तब होगा अगर आप प्यूरीन (purine) से भरे पदार्थ खाएंगे क्युकी प्यूरीन हमारे शरीर में जाके यूरिक एसिड में बदल जाता है। 

इस प्रकार की पथरी सामान्य रूप से एक परिवार के सदस्यों में पायी जाती है। अगर आपके परिवार में किसी को यूरिक एसिड के पथरी की शिकायत है तो आपको ऐसे पथरी होने की सम्भावना ज़्यादा होगी। 

स्त्रूवेइट (Struvite)

इस प्रकार की पथरी ज़्यादा आम नहीं है।  इसके होने का मुख्य कारण आपके किडनी के सिस्टम के इन्फेक्शन्स होते हैं। 

सिस्टीन (Cysteine)

यह पथरी भी एक परिवार के सदस्यों में पायी जाती है। इसमें आपके शरीर में सिस्टीन नामक एक एमिनो एसिड का स्तर नार्मल से बढ़ जाता है जो फिर जम कर पथरी को बना देता है। 

पथरी होने के कारण 

शरीर में पानी की कमी 

यह किडनी में पथरी होने का सबसे आम कारण है। जब हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो हमारे पेशाब में भी पानी कम निकलता है और बाकि पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है।  ऐसा होने पर उनके जमके पथरी बनाने की सम्भावना बढ़ जाती है। 

शरीर में पानी की कमी भी कई कारणों से हो सकती है। 

  • नियमित रूप से पानी न पीना 
  • गर्मी के मौसम में बहुत ज़्यादा पसीना आना 
  • दस्त की शिकायत होना, आदि 

खान-पान 

आपके खान-पान की वजह से भी आपको पथरी की शिकायत हो सकती है। अगर आपके खाने में कैल्शियम (calcium) और ऑक्सालेट (oxalate) की मात्रा अधिक है तो आपको कैल्शियम ऑक्सालेट वाली पथरी हो सकती है। अगर आपके खाने में प्यूरीन (purine) ज़्यादा है, जो सामान्य रूप से मांसाहारी भोजन में पाया जाता है तो आपको यूरिक एसिड (uric acid) वाले पथरी होने की सम्भावना है। 

खाने में ज़्यादा नमक और चीनी से भी किडनी की पथरी होने की सम्भावना बढ़ जाती है। 

वज़न 

अगर आपका वज़न नार्मल बीएमआई (BMI) से ज़्यादा है तब भी आपको पथरी होने की सम्भावना बढ़ जाती है।   

किडनी के पथरी की पुरानी शिकायत 

अगर आपको पहले भी किडनी में पथरी हुई है तो आपको दुबारा पथरी होने की सम्भावना नार्मल लोगों से ज़्यादा होती है। 

आपके परिवार में किसी को किडनी के पथरी की शिकायत होना 

अगर आपके परिवार के किसी और सदस्य को किडनी के पथरी की शिकायत है तो आपको भी पथरी होने की सम्भावना ज़्यादा है। 

बीमारियां

कुछ बीमारियां भी आपको किडनी की पथरी होने के लिए अतिसंवेदनशील बनाती हैं, जैसे :

  • हाइपरपारथीरोइडिस्म (Hyperparathyroidism)
  • रीनल तुबुलर एसिडोसिस (Renal tubular acidosis)
  • सिस्टिनूरिया (Cystinuria)
  • लम्बे समय से अगर आपको दस्त हो (Chronic diarrhea)
  • पेट के ऑपरेशन (Gastric surgeries)

दवाएं 

कुछ दवाओं से भी किडनी के पथरी हो सकती है, जैसे:

  • विटामिन सी (vitamin C)
  • कैल्शियम की गोली (calcium supplements)
  • जुलाब (laxatives), आदि 

किडनी में पथरी क्यों होती है ?

जैसे कि मैने ऊपर बताया, किडनी की पथरी के कई प्रकार होते हैं। उन् सबके बनने के अलग अलग कारण  होते हैं। परन्तु कारण कुछ भी हो पथरी किडनी में तब ही बनती है जब कोई पदार्थ हमारे शरीर में नार्मल से ज़्यादा मात्रा में इकठ्ठा होना शुरू हो जाता है। जैसे जैसे उसकी मात्रा शरीर में बढ़ती है, वो पदार्थ साथ में जमते जाते हैं और शरीर में पथरी बना देते हैं। 

ऐसी पथरी शरीर में किडनी के अलावा और जगह भी पायीं जाती है जैसे जोड़ो में (गाउट), गॉल ब्लैडर में, आदि। पर हमारा लेख सिर्फ किडनी की पथरी के बारे में है। 

शरीर में इन पदार्थों की मात्रा बढ़ने के भी कई कारण होते हैं जो मैंने नीचे बाताये हैं।

निष्कर्ष 

मैं आशा करता हूँ कि यह लेख आपके काम आया हो और आपके किडनी की पथरी को लेके जो भी सवाल थे, उनके उत्तर आपको मिले हो। 

अब आप जानते हैं की किडनी के पथरी के क्या क्या लक्षण हो सकते हैं, पथरी के प्रकार और पथरी होने के कारणों के बारे में। 

अगर आपको लगता है कि आपको किडनी की पथरी की शिकायत हो सकती है तो किसी नेफ्रोलॉजिस्ट को दिखाएं। वह आगे के इलाज का फैसला करेंगे। 

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