किडनी सिस्ट: प्रकार, कारण, लक्षण, जांच, इलाज

इस लेख में आज आप जानेंगे कि किडनी सिस्ट क्या है, और इससे (kidney cyst) से जुड़े हर सवाल का जवाब।

क्या होता है किडनी सिस्ट (kidney cyst)

किडनी में होने वाले सिस्ट पानी जैसे तरल से भरी एक संरचना होती है जो किडनी में उभर जाती है। आमतौर पर सिस्ट आकार कुछ भी हो सकता है जैसे 5 सेमी. या उससे कम, इसका पता अल्ट्रासाउंड या सी.टी. स्कैन के माध्यम से लगाया जा सकता है। किडनी में सिस्ट की संख्या एक या उससे ज्यादा हो सकती है। सिस्ट आम तौर पर नुकसानदायक नहीं होते और न ही ये पनपने के बाद अपने कोई लक्षण प्रकट करते हैं। जब तक कोई जाँच या परीक्षण न हो आप इसका पता नहीं लगा सकते। आमतौर पर किडनी सिस्ट तीन प्रकार की होती हैं-

साधारण सिस्ट (simple cyst)-

साधारण सिस्ट मुख्य रूप से 1-5 होते हैं, इनकी परत पतली होती है और इनमें पानी जैसा तरल भरा होता है। ये सिस्ट किडनी के लिए नुकसानदायक नहीं होते न ही उनकी कार्यक्षमता पर प्रभाव डालते हैं।

कॉम्पलेक्स सिस्ट (complex cyst)-

किडनी में ऐसे सिस्ट हो जाना जिनकी परत अनियमित होती है और जिनमें कैल्शियम भरा होता है, उन्हें कॉम्पलैक्स सिस्ट कहा जाता है। ये साधारण सिस्ट से अधिक असामान्य होते हैं, कभी- कभी कॉम्पलैक्स सिस्ट के रूप में किडनी में कैंसर पनप जाता है इसलिए साधारण सिस्ट की तुलना में इन्हें गहन जाँच और परीक्षण की जरूरत होती है।

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (polycystic kidney disease)-

PKD रोग में होने वाले सिस्ट वंशानुगत स्वास्थ्य स्थिति के कारण बनतें हैं, इनकी संख्या 5 से अधिक हो सकती है, और इनके बढ़ने से किडनी को काफी नुकसान होता है। कभी- कभी सिस्ट की संख्या सैकड़ों तक हो जाती है, जो किडनी के लिए गंभीर होती हैं और यह किडनी की विफलता (Kidney failure) का कारण बन सकते हैं।

क्या हैं किडनी में सिस्ट होने के कारण

किडनी में सिस्ट होने के कारणों पर अभी विशेषज्ञों का एक मत नहीं है, लेकिन उनका मत है कि कुछ संभावनाएँ हैं जिनके कारण सिस्ट हो सकते हैं जैसे-

  • प्रत्येक किडनी में अनगिनत नलिकाएँ होती हैं जो पेशाब को इकट्ठा करती हैं, उन अनगिनत नलिकाओं में से किसी एक में अगर कोई रुकावट आ जाती है तो उस नलिका में सूजन आ जाने से उसमें पानी (तरल पदार्थ) भरने लगता है। यह तरल पदार्थ इकट्ठा हो जाने से सिस्ट बन जाते हैं।
  • इसके अलावा उम्र भी किडनी में सिस्ट होने का एक कारण होता है। 40 साल से ज्यादा की उम्र में लगभग 15 प्रतिशत लोगों को सिस्ट हो जाते हैं।
  •  इसके अलावा 70 साल की उम्र पार करने पर यह सिस्ट होने की आशंका करीब 40 प्रतिशत हो जाती है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में सिस्ट होने की संभावना ज्यादा होती है।
  • पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (polycystic kidney disease) होने का कारण एक-मात्र वंशानुगत स्वास्थ्य स्थिति होता है।

किडनी में सिस्ट होने के लक्षण

सामान्य तौर पर एक साधारण सिस्ट कोई लक्षण नहीं दिखाता, लेकिन सिस्ट यदि आकार में बड़ा हो जाए और उसमें किसी तरह का संक्रमण लग जाए तो उसके लक्षण होते हैं-

  • बुखार
  • पसली और पीठ के निचले हिस्से में हल्का-हल्का दर्द होना
  • सिस्ट के फूट जाने पर दर्द की स्थिति गंभीर हो जाना
  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होना
  • पेट में सूजन आना
  • सामान्य से अधिक पेशाब जाना
  • पेशाब का रंग बदल जाना या खून आना

पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (polycystic kidney disease) के लक्षण-

  • पीठ के दोनों तरफ दर्द होनाा
  • उच्च रक्त-चाप (high blood pressure)
  • पेशाब में खून आना
  • किडनी की विफलता भी हो सकती है जिसके लिए डायलिसिस या किडनी प्रत्यारोपण जैसे इलाज की जरूरत होती है।
  • किडनी में दर्द (Kidney pain)

किडनी सिस्ट के लिए कौन सी होती हैं जाँचे


किडनी सिस्ट के बारे में जानने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली जाँचे और परीक्षण हैं-

अल्ट्रासाउंड , MRI और CT स्कैन-

अल्ट्रासाउंड , MRI और CT स्कैन जैसे इमेजिंग टेस्ट साधारण किडनी सिस्ट को पहचानने के लिए उपयोग किए जाते हैं। ये परीक्षण विशेषज्ञ को यह जानने में मदद करते हैं कि किडनी में भारीपन की वजह सिस्ट है या ट्यूमर।

किडनी कार्यक्षमता जाँच (Kidney function tests)-

इस परीक्षण को यह जानने के लिए किया जाता है कि कहीं किडमें स्थित सिस्ट के कारण मरीज की किडनी की कार्यक्षमता तो प्रभावित नहीं हो रही है।

किडनी सिस्ट का इलाज

अगर आपको भी अपनी किडनी में सिस्ट जैसी समस्या की आशंका है तो विशेषज्ञ से ही संपर्क करें। कही-सुनि बातों पर विश्वास न करें अपनी जाँच की रिपार्ट के आधार पर विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही इलाज शुरु कराएँ। किडनी में होने वाले सिस्ट का इलाज मूत्ररोग विशेषज्ञ (urologist) और किडनी विशेषज्ञ (Nephrologist) से करा सकतें हैं।

आपका इलाज किडनी के सिस्ट के आकार और गंभीरता पर निर्भर करता है। अगर सिस्ट छोटा है तो उसे इलाज की जरूरत नहीं होगी साथ ही इस बत का निरंतरता से ध्यान रखने के लिए विशेषज्ञ आपको 6 से 12 महीनों के अंदर इमेजिंग टेस्ट कराने को कह सकता है। जससे यह पता लगता रहे कि कहीं सिस्ट बड़ा तो नहीं हो रहा।

अगर सिस्ट का आकार बढ़ जाता है तो और वह अपने लक्षण दिखाने लगता है तो उसके इलाज के लिए स्क्लेरोथेरेपी (sclerotherapy) और सर्जरी का उपयोग किया जाता है। हालांकि ऐसा बहुत ही कम होता है कि साधारण सिस्ट में इलाज की जरूरत हो, यह आपका विशेषज्ञ बताता है कि इलाज की जरूरत है या नहीं।

क्या होती हैं सिस्ट की स्क्लेरोथेरेपी (sclerotherapy) और सर्जरी जानिए-

स्क्लेरोथेरेपी (sclerotherapy)-

स्क्लेरोथेरेपी एक प्रकिया है जिसमें विशेषज्ञ आपकी किडनी के सिस्ट के अंदर का तरल पदार्थ बाहर निकालते हैं। इसे शुरु करने से पहले मरीज को बेहोश करने वाली दवा (anesthetic) दी जाती है ताकि उसे दर्द महसूस न हो, उसके बाद एक बारीक सुंई से सिस्ट के अंदर के तरल पदार्थ को बाहर निकाला जाता है। कभी- कभी डॉक्टर सिस्ट के तरल को निकाल कर उसकी जगह एल्कोहल का तरल भर देते हैं जो उसे दोबारा बढ़ने से रोकता है। आम तौर पर मरीज को प्रक्रिया पूरी होने के दिन ही घर भेज दिया जाता है।

सर्जरी-

ऐसा सिस्ट जो 5 सेमी. से बड़ा आकार ले चुका हो उसे सर्जरी के द्वारा निकालना पड़ता है। इसमें मरीज को बेहोश करने वाली दवा (anesthetic) दी जाती है ताकि उसे दर्द महसूस न हो फिर विशेषज्ञ सिस्ट को कई छोटे चीरे लगाकर लेप्रोस्कोपिक के माध्यम से निकाल दिया जाता है।

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