यूरिन में एल्ब्यूमिन: नार्मल स्तर, लक्षण, कारण, जाँच, इलाज

एल्ब्यूमिन रक्त में मौजूद एक सबसे महत्वपूर्ण प्रोटीन होता है । यूरिया और क्रिएटिनिन जैसे पदार्थ रक्त की सफाई करते समय शरीर से पेशाब के द्वारा बाहर निकाल दिए जाते हैं और एल्ब्यूमिन नहीं निकाला जाता। लेकिन जब पेशाब में एल्ब्यूमिन आ जाए तो यह किडनी की किसी बीमारी की ओर संकेत देता है। मूत्र प्रोटीन और यूरिन में एल्ब्यूमिन आना दोनों समान रूप में उपयोग किए जाते हैं। एल्ब्यूमिन सबसे साधारण प्रोटीन है जो किडनी की कार्यक्षमता में कमी आ जाने से या किडनी में कोई क्षति हो जाने से पेशाब में आने लगता है।

Blood urea और serum creatinine टेस्ट के साथ पेशाब में एल्ब्यूमिन का टेस्ट किडनी की कार्यक्षमता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं।

क्या होता है एल्ब्यूमिन

एल्ब्यूमिन लीवर में बनने वाला एक साधारण प्रोटीन है, जो रक्त प्रवाह के माध्यम से पूरे शरीर मं जाता है। एल्ब्यूमिन शरीर में नए उतकों का विकास करने, कोशिकाओं की मरम्मत करने और उन्हें स्वस्थ बनाए रखने का काम करता है। एल्ब्यूमिन रक्त वाहिकाओं में रक्त का संतुलन बनाए रखने और रक्त-चाप बनाए रखने का काम करता है।

रक्त और पेशाब में एल्ब्यूमिन की सामान्य मात्रा

रक्त में एल्ब्यूमिन का सामान्य स्तर 3.4 से 5.4 g/dL. है। यदि आपके रक्त में  एल्ब्यूमिन का स्तर इस सामान्य स्तर से कम है तो आशंका है कि आप कुपोषित हो सकते हैं या फिर आपको लीवर से संबंधित कोई बीमारी या असामान्यता है सकती है। पेशाब में एल्ब्यूमिन का आना भी रक्त में एल्ब्यूमिन के निम्न स्तर का कारण होता है।

पेशाब में एल्ब्यूमिन का सामान्य स्तर 30 mg/प्रतिदिन से कम होता है। ययि आपके पेशाब में एल्ब्यूमिन का स्तर 30 mg/प्रतिदिन से अधिक है तो इसका मतलब है कि आपको किडनी की समस्याएं हो सकती हैं, भले ही आपकी GFR जाँच सामान्य आए।

क्या है यूरिन में एल्ब्यूमिन आना

एल्ब्यूमिन एक प्रकार का प्रोटीन है जो सामान्य रूप से रक्त में पाया जाता है। यह वह प्रोटीन है जो हमारे शरीर में मांसपेशियों के निर्माण, ऊतकों की मरम्मत और संक्रमणों से लड़ने में मदद करता है। एल्ब्यूमिन मुख्य रूप से रक्त में होना चाहिए यदि यह पेशाब में आ जाता है तो यह किडनी की बीमारी का कारण बन जाता है। पेशाब में एल्ब्यूमिन आने वाले इस संकेत को “एल्ब्यूमिन्यूरिया (albuminuria)” या “प्रोटीन्यूरिया (proteinuria)” कहा जाता है।

पेशाब में एल्ब्यूमिन (proteinuria) के लिए टेस्ट

मूत्र एल्ब्यूमिन परीक्षण (Urine albumin Test)-

यह परीक्षण पेशाब में एल्ब्यूमिन के स्तर को मापने के लिए किया जाता है। एल्ब्यूमिन आम तौर पर रक्त में पाया जाता है और पेशाब में बहुत कम मात्रा (30 mg/प्रतिदिन) में बाहर आता है।  जब तक किडनी की कार्यक्षमता दुरुस्त रहती है तब तक पेशाब में एल्ब्यूमिन की मात्रा सामान्य रहती है। लेकिन किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाने से पेशाब में एल्ब्यूमिन का स्तर बढ़ जाता है।

इस टेस्ट को करने के लिए डॉक्टर आपसे पेशाब का सैंपल लेता है। साथ ही इसके पहले आपको किसी तरह की कोई तैयारी करने की जरूरत नहीं होती। इस टेस्ट के पहले आप मानान्य तरीके से खा-पी सकते है, और किसी भी समय का पेशाब परीक्षण के लिए दे सकते हैं। हालांकि सुबह का पहले या दूसरे पेशाब के नमूने को परीक्षण के हिसाब से अधिक महत्व दिया जाता है।

पेशाब में एल्ब्यूमिन का सामान्य स्तर 30 mg/day से कम होता है। यदि आपके पेशाब में एल्ब्यूमिन का स्तर 30 mg / day से अधिक है तो इसका मतलब है कि आपको किडनी की कोई बीमारी हो सकती है, भले ही आपकी GFR जाँच सामान्य आए। किडनी की सामान्य बीमारियों में प्रोटीन का रिसाव सामान्य मात्रा से 10-100 गुना अधिक होता है।

भारत में इस टेस्ट की कीमत 380 रुपए से लेकर 700 रुपए तक है। अलग-अलग लैब और अस्पताल में यह भिन्न हो सकती हैं। कई लैब में इस टेस्ट को renal function test (“RFT”) के अंतर्गत एक पैकेज में किया जाता है।

क्या होती है एल्ब्यूमिन की मात्रा की ट्रेस रिपोर्ट

आपके पेशाब में एल्ब्यूमिन की एक सामान्य मात्रा, 20-30 mg/प्रतिदिन है। एक दिन के हिसाब से प्रोचीन की सामान्य मात्रा 150 मिलीग्राम होती है। यदि आपके पेशाब टेस्ट में एल्ब्यूमिन का स्तर बढ़ा हुआ है तो जाहिर है कि आपको किडनी से संबंधित कोई बीमारी हो सकती है। कैसे मापा जाता है पेशाब में एल्ब्यूमिन का स्तर-

ट्रेस (traces) = 150 मिलीग्राम / 24 घंटे से कम (सामान्य की ऊपरी सीमा)

1+ = 200 – 500 मिलीग्राम / 24 घंटे

2+ = 500 – 1500 मिलीग्राम / 24 घंटे

3 + = 2500 मिलीग्राम / 24 घंटे से अधिक

4+ = 3000 मिलीग्राम / 24 घंटे से अधिक

पेशाब में एल्ब्यूमिन/प्रोटीन (proteinuria) के लक्षण

ज्यादातर लोग जो प्रोटीनूरिया से ग्रस्त होते हैं, वे इसके लक्षण नहीं देख पाते हैं। खासकर शुरुआती या हल्के मामलों में। समय बीतने के साथ-साथ जब प्रोटीनूरिया बढ़ने लगता है तो आपको लक्षण कुछ लक्षण दिख सकते हैं जैसे-

  • झाग और बुलबुलेदार पेशाब आना
  • हाथ-पैर, पेट और चेहरे पर सूजन आ जाना
  • सांस लेने में परेशानी होना
  • थकान
  • मासपेशियों में दर्द होना
  • रक्त में कोलस्ट्रोल का स्तर बढ़ना

यदि इसका समय पर सही इलाज न लिया जाए तो भविष्य में जाकर किडनी विफल होने की आशंका रहती है।

पेशाब में एल्ब्यूमिन/प्रोटीन (proteinuria) के कारण

कुछ सामान्य कारण जिनकी वजह से प्रोटीनूरिया हो सकता है-

पेशाब में एल्ब्यूमिन/प्रोटीन (proteinuria) का इलाज

पेशाब में प्रोटीन आना किडनी की बीमारी होने के मुख्य संकेतों में से एक है।

पेशाब में प्रोटीन रिसाव के सटीक कारण का पता लगाने के लिए कई बार किडनी बायोप्सी टेस्ट की आवश्यकता होती है। जिसमें किडनी के कुछ ऊतकों को एक सुई का उपयोग करके बाहर निकाल लिया जाता है और फिर उन ऊतकों को एक माइक्रोस्कोप के नीचे रख के परीक्षण किया जाता है। यदि आपको विशेषज्ञ परीक्षणों के बाद आपके लिए कोई इलाज निश्चित करता है तो उसका पालन करें। किडनी जैसी महत्वपूर्ण अंग के रोग के लिए विशेषज्ञों से ही सलाह लें। सुनी-सुनाई बातों पर विश्वास न करें। क्या हो सकता है पेशाब में एल्ब्यूमिन/प्रोटीन (proteinuria) का इलाज जानए-

यदि आपको मधुमेह (diabetes) या उच्च रक्तचाप (high blood pressure) जैसी समस्याएँ किडनी रोग का पहला और दूसरा सबसे आम कारण है। इलाज शुरु करते समय  यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि ये स्थितियाँ नियंत्रण में हों। मधुमेह (diabetes) या उच्च रक्तचाप (high blood pressure) के नियंत्रण के लिए कुछ दवाएँ और आहार में बदलाव कर सकता है।

यदि आपके मूत्र में प्रोटीन है, तो ACE inhibitor या ARB नामक दवाइयाँ भी आपकी किडनी को और अधिक नुकसान होने से बचाने में मदद कर सकता है।

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